The Ultimate Guide To ???? Kahan Kahan Laabh Milta Hai?
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गुस्से में कभी कोई फैसला मत करो और जरूरत से ज्यादा खुशी मिलने पर किसी से कोई वादा मत करो क्योंकि दोनों ही हमेशा गलत होते हैं।
ख़ुशी के लिए काम करोगे तो ख़ुशी नहीं मिलेगी और ख़ुशी से काम करोगे तो ख़ुशी और सफलता दोनों मिलेंगी।
गलत बात पर गुस्सा आ जाना शराफत की निशानी है पर उसी गुस्से को पी जाना ईमानदारी की पहचान है।
जब तुम किसी से मोहब्बत करो तो उसको जरा सी मोहब्बत ना नाम है क्योंकि तुमने उससे मोहब्बत की है तिजरत नहीं।
दुश्मन चाहे कितना भी अच्छा दोस्त बन जाए उस पर ऐतबार मत करना क्योंकि पानी को चाहे कितना भी गर्म कर लो वो आग बुझाने के लिए काफी होता है।
उस काम के बारे में मत सोचो जिसे तुम कर रहे हो उसके बारे में सोच अच्छी से तुम इस काम को खत्म करके शुरू करने वाले हो।
जीवन का सबसे जरूरी सवाल यह है कि आपने अपनी जिंदगी में दूसरों के लिए क्या-क्या किया।
एक अच्छी किताब सो दोस्तों के बराबर होती है और एक अच्छा दोस्त पुस्तकालय के बराबर होता है।
कोई तुमसे भलाई की उम्मीद करें तो उसे निराश मत करो क्योंकि लोगों की जरूरतों का तुमसे वास्ता होना अल्लाह कि इनायत है।
कभी भी कामयाबी को दिमाग और नाकामयाबी को दिल से नहीं लेना चाहिए क्योंकि कामयाबी दिमाग में घमंड और नाकामयाबी दिल में मायूसी पैदा करती हैं।
जिस काम से खुशी मिलते हैं वह काम करो पूरा ब्रह्मांड आपके लिए वहां दरवाजे खोल देगा जहां पहले दीवारें थी।
बुरा दोस्त आग की तरह होता है अगर जलता है तो आपको जला देगा और अगर बुझा भी है तो आपके हाथों को काला कर देगा।
और तुम कभी किसी की मदद करो तो कभी किसी से उसके बारे में बात मत करो।
अगर आप हार से सीखना शुरू कर दो तो get more info कोई भी हार आपका नुकसान नहीं कर सकती।